टेस्ट क्रिकेट की संरचना और नियम खोलें
टेस्ट क्रिकेट में दो टीमें होती हैं और हर टीम को दो पारियाँ खेलने का मौका मिलता है। मैच अधिकतम पाँच दिन चलता है और हर दिन तीन सत्र होते हैं — सुबह, दोपहर और शाम। अंपायर का फ़ैसला, DRS (डिसीज़न रिव्यू सिस्टम) और पिच की स्थिति — ये तीनों मिलकर खेल की दिशा बदलते हैं। नई गेंद हर 80 ओवर के
बाद उपलब्ध होती है, जो तेज़ गेंदबाज़ों के लिए अहम होती है। गुवाहाटी के क्रिकेट प्रेमी हों या दिल्ली के — टेस्ट के हर सत्र की समझ मैच को देखने का नज़रिया बदल देती है। यह जानकारी केवल क्रिकेट ज्ञान के लिए है; वास्तविक धन वाला गेमिंग नहीं है।